Tuesday, May 8, 2018

बाबा रामदेव से जुड़े 10 प्रमुख तथ्य - योग के जरिए देश- दुनिया में दिलाई 'योग' को पहचान


'योग' पर चर्चा होते ही जो जेहन में सबसे पहला नाम बाबा रामदेव का आता है। इस नाम को भारत में ही नही बल्कि पूरी दुनिया में बखूबी जानते हैं। इन्होंने योग को पुरे विश्व में फैलाकर देश की पूरी दुनिया में अलग पहचान बनाई है। बाबा रामदेव का जन्म 12 दिसम्बर 1965 को हरियाणा जिले के महेन्द्रगढ़ जिले में नारनौल नामक गांव में हुआ था। इनका ब्रांड 'पातंजलि' जिस नाम से इन्होंने स्वदेशी उत्पादों का निर्माण शुरू किया, आज हर प्रकार के उत्पाद बनाती है। रामदेव जगह-जगह स्वयं जाकर योग-शिविरों का आयोजन करते हैं, जिनमें हर सम्प्रदाय के लोग आते हैं। इन्होंने भ्रष्टाचार विरोधी अभियान भी शुरू किया और कभी-कभी तीखे राजनीतिक बयान भी देते रहते हैं। आज हम योग गुरु रामदेव के बारे में कुछ ऐसे तथ्य बता रहे हैं, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं । 


🔶 1875 में लिखी दयानंद सरस्वती की किताब ‘सत्यार्थ प्रकाश’ का रामदेव पर गहरा असर पड़ा था। सरस्वती के इसी प्रभाव के कारण रामदेव कभी फोन पर हैलो नहीं कहते, इसके बजाय वह ओम कहते हैं। बाबा रामदेव के प्रेरणास्रोत रामप्रसाद बिस्मिल और सुभाष चंद्र बोस भी रहे हैं। इन्‍होंने हिमालय की कंदराओं में भी मेडिटेशन और स्‍व-अनुशासन का अभ्‍यास करते हुए काफी दिन बिताए हैं।

🔶 शुरुआती दिनों में रामदेव योग की छोटी-छोटी क्लासेस देते थे और कई जगह छोटे-छोटे कैंप लगाते थे जिनमें आने वाले लोगों की संख्या मात्र 30 से 40 हुआ करती थी, लेकिन योग से लोगों को फर्क पड़ने लगा तो बाबा ने इसकी फ़ीस रख डाली। लोग बताते हैं कि बाबा उस वक्त फ़ीस के एवज में 30 से 50 रुपया लिया करते थे। बाद में आस्‍था चैनल पर योगा के प्रोग्राम से इन्‍हें लोकप्रियता मिली।

🔶 बाबा रामदेव ने आज भी अपना बजाज कंपनी का 90 के दशक का स्कूटर संभाल कर रखा है। इस स्कूटर पर वह दवाइयां बेचते थे। यह उन्हें आज भी बहुत अजीज है।

🔶 बाबा रामदेव और पतंजलि के सीईओ आचार्य बालकृष्ण आपस में संस्कृत में बातें करते हैं। हालांकि आम जनता के सामने वे हिंदी में ही बोलते हैं।

🔶 रामदेव पूरी तरह से स्वदेशी अपनाने वालों में से हैं। इसकी सलाह वे अन्य लोगों को भी देते हैं। इसलिए वे आज भी महिंद्रा की स्कॉर्पियो से ही आना-जाना करते हैं। फोन भी वे माइक्रोमैक्स का इस्तेमाल करते हैं। यहां तक कि वे भरी गर्मी में भी सोने के लिए AC का इस्‍तेमाल नहीं करते हैं।

🔶 बाबा रामदेव हमेशा फर्श पर ही सोते हैं। हालांकि उनके कमरे में एक वीडियोकॉन का टीवी और पढ़ाई की टेबल जरूर है, लेकिन वे सोने के लिए फर्श का इस्तेमाल करते हैं।

🔶 हर तरह के प्रोडक्‍ट लाने के बाद बाबा रामदेव अब जल्द ही तीन हजार तरह के कपड़ों की वैरायटी बाजार में उतारने वाले हैं।

🔶 बाबा रामदेव रोज 18 से 20 घंटे काम करते हैं। रोज सुबह 3 बजे जगकर ही एक्‍सरसाइज में लग जाते हैं। ये शाकाहारी है और अनाज बिलकुल नहीं खाते बल्कि हमेशा फ्रूट्स का सेवन करते है और जूस का भी अधिक से अधिक सेवन करते है।

🔶 बाबा रामदेव पश्चिमी पकवानों से बहुत ही घृणा करते है और सॉफ्ट ड्रिंक्‍स को टॉयलेट क्लीनर्स बताते है।

🔶 हालांकि बाबा आठवीं कक्षा के बाद ही पढ़ाई छोड़ कर घर से चले गए थे और योग सीखने लगे थे पर इनके पास चार-चार यूनिवर्सिटीयों से मिली डॉक्‍टरेट की डिग्री है। उन्‍होंने एक बार कहा था कि होमोसेक्‍सुअलिटी एक मानसिक विकार है।

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